प्रमुख सचिव को मंत्री से मांगनी पड़ी लिखित माफी -अब अफसरशाही नहीं हो पा रही हावी

रवीन्द्र जैन
भोपाल। मप्र में शिवराज सिंह चौहान सरकार के चौथे कार्यकाल में मंत्रालय का माहौल एकदम बदला हुआ है। पहले की तरह अफसरशाही हावी नहीं हो पा रही है। इसका ताजा उदाहरण है कि एक मंत्री की उपेक्षा प्रमुख सचिव को इतनी भारी पड़ी कि उन्हें मुख्य सचिव इकबाल सिंह की लताड़ के बाद मंत्री से लिखित में माफी मांगनी पड़ी है। मामला खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया और प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग नीरज मंडलोई से जुड़ा है। मुख्य सचिव ने प्रमुख सचिव का माफीनामा मंत्री यशोधरा राजे को भेज दिया है।

फ़ाइल फ़ोटो- खेल मंत्री श्रीमति यशोधरा राजे

दरअसल यशोधराराजे सिंधिया शिवपुरी में ड्रीम रोड प्रोजेक्ट के संबंध में लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव नीरज मंडलोई से मिलना चाहती थी। पांच नवंबर से लगातार वे कई दिन तक मंडलोई को फोन करती रहीं। मंडलोई ने न तो उनका फोन उठाया और न ही पलटकर फोन किया। इससे नाराज यशोधरा राजे सिंधिया ने 11 नवंबर को मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैस को नोटशीट भेजकर प्रमुख सचिव नीरज मंडलोई

फ़ाइल फ़ोटो – प्रमुख सचिव खेल विभाग नीरज मंडलोई

की शिकायत की। यशोधरा का कहना था कि प्रमुख सचिव द्वारा मंत्री की इस तरह उपेक्षा हैरान करने वाली है। मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैस ने 12 नवंबर को इसी नोट शीट पर अपने हाथ से लिखकर नीरज मंडलोई को तत्काल स्पष्टीकरण देने को कहा। अगले दिन 13 नवंबर को प्रमुख सचिव नीरज मंडलोई ने मुख्य सचिव को अपना स्पष्टीकरण भेजते हुए अपनी गलती स्वीकार की और माफी मांगते हुए भरोसा दिलाया कि वे भविष्य में इस तरह की भूल नहीं करेंगे। खास बात यह है कि इकबाल सिंह बैस ने नीरज मंडलोई का स्पष्टीकरण और माफीनामा खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया को भेज दिया है।

साभार – रवींद्र जैन , संपादक अग्निबाण भोपाल।